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Dussehra Par Nibandh: दशहरा पर निबंध हिंदी में (10 पंक्तियाँ और निबंध)

Hindi and Marathi 9 essays, speeches and lines Updated 10 Oct 2026

Dussehra par nibandh (दशहरा पर निबंध) खोज रहे विद्यार्थियों के लिए इस पेज पर हर कक्षा के अनुसार सामग्री तैयार है। यहाँ छोटे बच्चों और बड़ी कक्षाओं के लिए दशहरा पर 10-10 पंक्तियाँ, विजयादशमी पर अनुच्छेद, 100, 150, 200 और 300 शब्दों के छोटे निबंध, 500 शब्दों का विस्तृत निबंध और विजयादशमी पर 2 मिनट का भाषण दिया गया है।

हर निबंध के साथ लिखा है कि वह किन कक्षाओं के लिए उचित है। पहले निबंध को ध्यान से पढ़ें, मुख्य बिंदु अपनी कॉपी में लिखें और फिर अपनी भाषा में लिखें। इसी विषय पर अंग्रेज़ी सामग्री के लिए Dussehra Essay पेज देखें।

10 Lines on Dussehra in Hindi: दशहरा पर 10 पंक्तियाँ

10 पंक्तियाँकक्षा 1 से 3107 शब्द

  1. दशहरा भारत का एक बड़ा और प्रसिद्ध त्योहार है।
  2. इसे विजयादशमी भी कहा जाता है।
  3. यह त्योहार सितंबर या अक्टूबर के महीने में आता है।
  4. नवरात्रि के नौ दिन पूरे होने के बाद दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है।
  5. दशहरा हमें बताता है कि बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।
  6. दशहरे से पहले कई रातों तक रामलीला दिखाई जाती है।
  7. शाम को मैदान में बड़े-बड़े पुतले जलाए जाते हैं।
  8. पुतलों में भरे पटाखे फूटते हैं तो बच्चे खुशी से ताली बजाते हैं।
  9. दशहरे के मेले में झूले, खिलौने और गरम जलेबी मिलती है।
  10. मुझे दशहरा बहुत पसंद है क्योंकि यह सच्चाई की जीत का दिन है।
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Dussehra Nibandh 10 Lines: कक्षा 4 से 6 के लिए दशहरा पर 10 पंक्तियाँ

10 पंक्तियाँकक्षा 4 से 6151 शब्द

  1. दशहरा हिंदुओं का प्रमुख पर्व है और देश के लगभग हर भाग में धूमधाम से मनाया जाता है।
  2. यह आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को आता है।
  3. विजयादशमी का अर्थ है जीत की दसवीं तिथि।
  4. यह पर्व एक प्राचीन महाकाव्य की उस कथा से जुड़ा है जिसमें सत्य ने अहंकार को हराया था।
  5. दशहरे की शाम दस सिर वाले राक्षस राजा, उसके भाई और उसके पुत्र के पुतलों का दहन होता है।
  6. उत्तर भारत के शहरों और गाँवों में रामलीला का मंचन बड़े शौक से देखा जाता है।
  7. कर्नाटक का मैसूर दशहरा सजे हुए हाथियों की शोभायात्रा के लिए प्रसिद्ध है।
  8. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में दशहरे का उत्सव पूरे एक सप्ताह तक चलता है।
  9. दशहरे के लगभग तीन सप्ताह बाद दीपावली आती है, इसलिए त्योहारों का मौसम शुरू हो जाता है।
  10. यह पर्व हमें अपने भीतर के क्रोध, लालच और घमंड को जलाने की सीख देता है।

100 Word Dussehra Essay in Hindi: दशहरा पर निबंध 100 शब्द

कक्षा 2 से 4107 शब्द

दशहरा खुशियों से भरा त्योहार है। इसे विजयादशमी भी कहते हैं। यह नवरात्रि के बाद दसवें दिन, सितंबर या अक्टूबर में मनाया जाता है।

यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दशहरे से पहले कई रातों तक मोहल्लों में रामलीला होती है, जिसमें एक पुराने महाकाव्य की कथा दिखाई जाती है। दशहरे के दिन मैदान में बाँस और रंगीन कागज़ से बने ऊँचे पुतले खड़े किए जाते हैं। सूरज ढलते ही उन्हें आग लगाई जाती है और पटाखों की आवाज़ से आसमान गूँज उठता है। लोग मेले में घूमते हैं और मिठाइयाँ बाँटते हैं। दशहरा सिखाता है कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है।

Dussehra Essay in Hindi 150 Words: दशहरा पर निबंध 150 शब्द

कक्षा 3 से 5141 शब्द

बारिश का मौसम खत्म होते ही जब आसमान साफ़ हो जाता है, तब भारत में दशहरे की तैयारी शुरू हो जाती है। इस पर्व को विजयादशमी कहा जाता है, जिसका अर्थ है विजय का दसवाँ दिन। यह नवरात्रि के नौ दिनों के ठीक बाद आता है।

दशहरा एक प्राचीन महाकाव्य की कथा से जुड़ा है। उस कथा में एक सच्चे और वीर राजकुमार ने घमंडी राक्षस राजा को हराकर धर्म की रक्षा की थी। इसी कथा को नवरात्रि की रातों में रामलीला के रूप में मंच पर दिखाया जाता है।

दशहरे की शाम दस सिर वाले राजा, उसके भाई और बेटे के विशाल पुतले जलाए जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं, मेले में जाते हैं और रिश्तेदारों से मिलते हैं। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि अहंकार और अन्याय कभी टिकते नहीं, जबकि ईमानदारी और साहस हमेशा जीतते हैं।

Paragraph on Dussehra in Hindi: दशहरा पर अनुच्छेद

कक्षा 4 से 6117 शब्द

हमारे शहर में दशहरे की चहल-पहल नवरात्रि शुरू होते ही दिखने लगती है। पास के मैदान में रामलीला का मंच बनता है और मैं हर रात दादी के साथ वहाँ जाता हूँ। कलाकारों की चमकीली पोशाकें, ढोलक की थाप और दर्शकों की तालियाँ मुझे बहुत अच्छी लगती हैं। विजयादशमी की शाम मैदान में तीन ऊँचे पुतले खड़े होते हैं, जिन्हें देखने के लिए हज़ारों लोग जमा होते हैं। जैसे ही अग्निबाण छोड़ा जाता है, पुतलों में आग लग जाती है और पटाखे ज़ोर से फूटते हैं। इसके बाद हम मेले में बड़ा झूला झूलते हैं और गरम-गरम जलेबियाँ खाते हैं। यह दिन मुझे सिखाता है कि बुराई कितनी भी बड़ी हो, अंत में सच्चाई ही जीतती है।

Essay on Dussehra in Hindi: दशहरा पर निबंध 200 शब्द

कक्षा 5 से 7191 शब्द

भारत त्योहारों का देश है और इनमें दशहरे का विशेष स्थान है। इसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है, जो प्रायः सितंबर के अंत या अक्टूबर में पड़ती है।

दशहरे से पहले नौ रातों तक नवरात्रि का उत्सव चलता है, जिसमें लोग व्रत रखते हैं, पूजा करते हैं और गरबा खेलते हैं। दशहरे का मूल संदेश है अधर्म पर धर्म की विजय। एक पुराने महाकाव्य के अनुसार एक धर्मपरायण राजकुमार ने लंबे युद्ध के बाद अत्याचारी राक्षस राजा को इसी दिन पराजित किया था।

उत्तर भारत में इस कथा का मंचन रामलीला के रूप में होता है और दशहरे की शाम पुतलों का दहन किया जाता है। गुजरात में इस दिन फाफड़ा और जलेबी खाने की परंपरा है। महाराष्ट्र में लोग आपटा के पत्ते एक-दूसरे को सोना कहकर भेंट करते हैं।

दशहरे को शुभ दिन माना जाता है, इसलिए कई लोग इस दिन नया काम शुरू करते हैं, वाहन खरीदते हैं या कुछ नया सीखना आरंभ करते हैं। यह पर्व सिखाता है कि सही रास्ते पर चलने वाला अंत में अवश्य जीतता है।

Dussehra Ka Nibandh: दशहरा पर निबंध 300 शब्द

कक्षा 6 से 8282 शब्द

वर्षा ऋतु बीतते ही शहरों के खुले मैदानों में बाँस के ऊँचे ढाँचे खड़े होने लगते हैं। कुछ ही दिनों में ये ढाँचे रंग-बिरंगे विशाल पुतलों में बदल जाते हैं और सबको पता चल जाता है कि दशहरा आने वाला है। विजयादशमी कहलाने वाला यह पर्व आश्विन मास की शुक्ल दशमी को मनाया जाता है।

दशहरा शब्द को प्रायः दो संस्कृत शब्दों से जोड़ा जाता है: दश यानी दस और हरा यानी हार। इसका संबंध एक प्राचीन महाकाव्य में दस सिर वाले राक्षस राजा की पराजय से है। उस कथा में एक वचन के पक्के राजकुमार ने अन्याय के विरुद्ध युद्ध किया और जीत हासिल की। इसलिए यह दिन असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक बन गया।

देश के अलग-अलग भागों में यह पर्व अलग ढंग से मनाया जाता है। उत्तर भारत में कई रातों तक रामलीला चलती है। वाराणसी के पास रामनगर की रामलीला पूरे देश में प्रसिद्ध है। यूनेस्को ने रामलीला की परंपरा को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल किया है। दशहरे की शाम राक्षस राजा, उसके भाई और पुत्र के पुतले अग्निबाण से जलाए जाते हैं।

कर्नाटक में मैसूर दशहरा राज्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है। उत्सव के दिनों में मैसूर महल हज़ारों बल्बों से जगमगाता है और विजयादशमी पर सजे हुए हाथियों की भव्य शोभायात्रा निकलती है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में उत्सव विजयादशमी से शुरू होकर सात दिन तक चलता है। केरल में छोटे बच्चे इसी दिन पहली बार अक्षर लिखना सीखते हैं, जिसे विद्यारंभम कहते हैं।

दशहरा केवल पटाखों और मेलों का त्योहार नहीं है। यह हमें अपने अंदर छिपे क्रोध, ईर्ष्या और आलस्य जैसे दोषों से लड़ने की प्रेरणा देता है। यही इस पर्व का सच्चा अर्थ है।

Dussehra Par Nibandh in Hindi: दशहरा पर निबंध 500 शब्द

कक्षा 7 से 10499 शब्द

प्रस्तावना

भारत के त्योहार हमारी संस्कृति का दर्पण हैं। हर त्योहार के पीछे कोई कथा और कोई सीख छिपी होती है। शरद ऋतु के आरंभ में आने वाला दशहरा ऐसा ही पर्व है, जो हमें बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। इसे विजयादशमी भी कहा जाता है। यह आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को, नवरात्रि के नौ दिनों के बाद मनाया जाता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय छुट्टियों और उत्सवों का होता है, क्योंकि इसके बाद दीपावली तक त्योहारों की झड़ी लग जाती है।

दशहरे की कथा और महत्व

दशहरा एक प्राचीन महाकाव्य की कथा पर आधारित है, जिसे भारत के घर-घर में बड़े-बुज़ुर्ग सुनाते आए हैं। कथा के अनुसार एक आज्ञाकारी राजकुमार को पिता के वचन की रक्षा के लिए वनवास जाना पड़ा। वन में दस सिर वाला एक शक्तिशाली राजा उसकी पत्नी का हरण करके ले गया। राजकुमार ने अपने भाई और वफ़ादार मित्रों की सेना के साथ समुद्र पार किया, भीषण युद्ध लड़ा और अंत में उस अहंकारी राजा को पराजित किया।

राक्षस राजा के दस सिरों को अक्सर दस बुराइयों का प्रतीक माना जाता है, जैसे क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या और स्वार्थ। इसलिए पुतला दहन का अर्थ केवल एक पात्र को जलाना नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेना है।

दशहरा कैसे मनाया जाता है

उत्तर भारत में दशहरे का सबसे प्रिय भाग रामलीला है। मोहल्ले के दुकानदार, विद्यार्थी और नौकरी करने वाले लोग हफ़्तों अभ्यास करते हैं और फिर खुले मंच पर पूरी कथा प्रस्तुत करते हैं। रात भर बच्चे आगे की दरियों पर बैठकर उत्सुकता से हर दृश्य देखते हैं।

दशहरे की शाम किसी बड़े मैदान में राक्षस राजा, उसके भाई और पुत्र के पुतले खड़े किए जाते हैं। कई पुतले पचास फ़ुट से भी ऊँचे होते हैं। बाँस, कागज़ और कपड़े से बने इन पुतलों में पटाखे भरे जाते हैं। अग्निबाण लगते ही पुतले धू-धू कर जलने लगते हैं और भीड़ जयकारे लगाती है। पास ही मेला लगता है, जहाँ चाट, जलेबी, गुब्बारे और मिट्टी के खिलौने मिलते हैं।

कई परिवार शांत परंपराएँ भी निभाते हैं। महाराष्ट्र में आपटा के पत्ते सोने के रूप में बाँटे जाते हैं। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में एक दिन पहले आयुध पूजा होती है, जिसमें लोग अपने औज़ार, किताबें और वाहन साफ़ करके सजाते हैं।

देश के प्रसिद्ध दशहरा उत्सव

कर्नाटक का मैसूर दशहरा वोडेयार राजाओं के समय से चली आ रही शाही परंपरा है। दस दिनों तक मैसूर महल रोशनी से जगमगाता है और विजयादशमी पर हाथियों, नर्तकों और बैंड की लंबी शोभायात्रा शहर से गुज़रती है। हिमाचल प्रदेश का कुल्लू दशहरा भी अनोखा है। यह विजयादशमी से शुरू होकर सात दिन तक ढालपुर मैदान में चलता है, जहाँ घाटी के गाँवों से लोग सजी हुई पालकियाँ लेकर आते हैं।

उपसंहार

दशहरा हर उम्र और हर वर्ग के लोगों को एक साथ जोड़ता है। इसकी सीख सुनने में सरल है, पर निभाने में कठिन: सच बोलो, साहसी बनो और घमंड से दूर रहो। हमें यह पर्व ज़िम्मेदारी से मनाना चाहिए, कम पटाखे जलाने चाहिए और मैदानों को साफ़ रखना चाहिए। तभी दशहरा सचमुच अच्छाई की जीत का उत्सव बनेगा।

Dussehra Speech in Hindi: विजयादशमी पर भाषण (2 मिनट)

कक्षा 4 से 8270 शब्दलगभग 2 मिनट

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आज मुझे उस पर्व पर कुछ शब्द कहने का अवसर मिला है जिसकी राह हम सब पूरे साल देखते हैं। वह पर्व है दशहरा।

साथियों, क्या आपने कभी भीड़ भरे मैदान में खड़े होकर किसी विशाल पुतले को जलते देखा है? चेहरे पर आग की गर्मी, पटाखों का शोर और चारों ओर से उठती तालियाँ। यही पल दशहरे की पहचान है।

दशहरे को विजयादशमी भी कहते हैं। यह नवरात्रि की नौ रातों के बाद दसवें दिन, सितंबर या अक्टूबर में आता है। यह पर्व एक पुराने महाकाव्य की कथा से जुड़ा है, जिसमें एक सच्चे राजकुमार ने दस सिर वाले घमंडी राजा को हराया था। तब से यह दिन एक ही बात कहता आया है: अच्छाई की जीत निश्चित है।

हमारे शहरों में कई रातों तक रामलीला होती है। दशहरे की शाम राक्षस राजा, उसके भाई और बेटे के पुतले जलाए जाते हैं। मैसूर में सजे हुए हाथी शाही शोभायात्रा में चलते हैं, तो कुल्लू में पूरा सप्ताह उत्सव मनाया जाता है।

पर मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूँ। क्या साल में एक बार कागज़ का पुतला जला देना काफ़ी है? असली राक्षस मैदान में नहीं, हमारे मन में रहता है। वह क्रोध, झूठ, आलस्य और ईर्ष्या के रूप में छिपा है। अगर इस दशहरे पर हम अपनी एक भी बुरी आदत छोड़ दें, तो यही सच्चा उत्सव होगा।

आइए, यह पर्व समझदारी से भी मनाएँ। कम पटाखे जलाएँ, मेले के मैदान को साफ़ रखें और भीड़ में छोटे बच्चों का ध्यान रखें।

तो साथियों, आइए अपने मन में अच्छाई का दीपक जलाएँ और उसे पूरे साल जलाए रखें। धन्यवाद।

Dussehra Nibandh in Hindi Kaise Likhen: दशहरा पर निबंध लिखने के टिप्स

  • निबंध की शुरुआत किसी रोचक दृश्य से करें, जैसे मैदान में खड़े ऊँचे पुतले या रामलीला का मंच, सीधे परिभाषा से नहीं।
  • मुख्य तथ्य ज़रूर लिखें: दूसरा नाम विजयादशमी, नवरात्रि के बाद दसवाँ दिन, आश्विन मास, सितंबर या अक्टूबर।
  • त्योहार का अर्थ एक-दो वाक्यों में समझाएँ: एक पुराने महाकाव्य की कथा के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत।
  • जो आप देखते और करते हैं उसका वर्णन करें: रामलीला, पुतला दहन, मेला, जलेबी और रिश्तेदारों से मिलना।
  • लंबे निबंध में मैसूर दशहरा, कुल्लू दशहरा और महाराष्ट्र की आपटा पत्तों वाली परंपरा जैसे क्षेत्रीय उदाहरण जोड़ें।
  • विजय, साहस, शोभायात्रा, परंपरा, अहंकार और सत्य जैसे सुंदर शब्दों का प्रयोग करें।
  • अंत में अपनी कोई सीख लिखें, जैसे एक बुरी आदत छोड़ने का संकल्प, और सुरक्षित ढंग से त्योहार मनाने की बात करें।

यही विषय अंग्रेज़ी में चाहिए? पढ़ें: Dussehra Essay in English for Students (10 Lines, Short and Long Essays)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दशहरा कब मनाया जाता है?

दशहरा आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह नवरात्रि के नौ दिनों के ठीक बाद आता है और प्रायः सितंबर या अक्टूबर में पड़ता है।

दशहरे को विजयादशमी क्यों कहते हैं?

विजय का अर्थ है जीत और दशमी का अर्थ है दसवीं तिथि। एक प्राचीन महाकाव्य के अनुसार इसी दिन अच्छाई ने बुराई पर जीत पाई थी, इसलिए इसे विजयादशमी कहा जाता है।

दशहरे पर किसके पुतले जलाए जाते हैं?

दशहरे की शाम महाकाव्य के दस सिर वाले राक्षस राजा, उसके भाई और उसके पुत्र के पुतले जलाए जाते हैं। ये बाँस और कागज़ से बने होते हैं और इनमें पटाखे भरे होते हैं।

100 शब्दों के दशहरा निबंध में कौन-से बिंदु लिखें?

त्योहार कब आता है, उसका दूसरा नाम विजयादशमी, बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश, रामलीला और पुतला दहन, और त्योहार की सीख। ये पाँच बिंदु छोटे निबंध के लिए काफ़ी हैं।

भारत में कौन-से दशहरा उत्सव सबसे प्रसिद्ध हैं?

कर्नाटक का मैसूर दशहरा अपने जगमगाते महल और हाथियों की शोभायात्रा के लिए जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश का कुल्लू दशहरा सात दिन तक चलता है और वाराणसी के पास रामनगर की रामलीला भी बहुत प्रसिद्ध है।

हर निबंध और भाषण हमारी टीम ने लिखा और जाँचा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ। हम कैसे लिखते हैं।

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