Children’s Day Speech in Hindi: बाल दिवस पर भाषण
Children's day speech in Hindi (बाल दिवस पर भाषण) के इस पेज पर 14 नवंबर की प्रार्थना सभा के लिए हर कक्षा के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए तैयार सामग्री है। छोटे बच्चों के लिए एक मिनट का भाषण है, बीच की कक्षाओं के लिए दो मिनट वाला भाषण है और कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए विस्तार से लिखा गया भाषण है। साथ में शिक्षकों का भाषण, बाल दिवस पर 10 पंक्तियाँ और 300 शब्दों का निबंध भी दिया गया है।
मंच पर जितना समय मिला है, उसी हिसाब से भाषण लें। सभा से एक दिन पहले इसे घर पर ऊँची आवाज़ में बोलकर देखें, जहाँ साँस लेनी हो वहाँ पेंसिल से निशान लगा दें और चाचा नेहरू से जुड़ी कोई एक बात अपनी ओर से जोड़ दें। अंग्रेज़ी में यही विषय चाहिए तो हमारा Children's Day Speech पेज देखें।
Short Speech on Children's Day in Hindi: बाल दिवस पर छोटा भाषण (1 मिनट)
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों,
आज 14 नवंबर है और हम सब बाल दिवस मना रहे हैं। आज पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन है। वे हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री थे। उन्हें बच्चों से इतना प्यार था कि सारे बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे।
चाचा नेहरू अपने कोट पर हमेशा लाल गुलाब लगाते थे। उनका मानना था कि बच्चों को प्यार और अच्छी देखभाल मिले तो वे बड़े होकर देश के अच्छे नागरिक बनते हैं।
आज हमारे शिक्षक हमारे लिए गीत गाएँगे, खेल करवाएँगे और मिठाई बाँटेंगे। आज न कोई डाँट है, न कोई परीक्षा। क्या यह दिन सबसे प्यारा नहीं है?
आइए, हम वादा करें कि हम मन लगाकर पढ़ेंगे, सच बोलेंगे और सबकी मदद करेंगे। यही चाचा नेहरू के लिए हमारा सबसे अच्छा उपहार होगा।
धन्यवाद। आप सबको बाल दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएँ।
Bal Diwas Speech in Hindi: बाल दिवस पर 2 मिनट का भाषण
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आज बाल दिवस के अवसर पर मुझे आपके सामने दो शब्द कहने का मौका मिला है, इसके लिए मैं आभारी हूँ।
हर साल 14 नवंबर को पूरे भारत में बाल दिवस मनाया जाता है। इसी दिन सन 1889 में इलाहाबाद में पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था। 1947 में देश आज़ाद हुआ तो वे भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। देश के कामों में इतना व्यस्त रहने पर भी वे बच्चों से मिलने, उनसे बातें करने और उनके सवाल सुनने के लिए समय निकाल लेते थे।
आख़िर उन्हें बच्चों से इतना लगाव क्यों था? क्योंकि वे जानते थे कि कल का भारत आज की कक्षाओं में बैठा है। जिस बच्चे को अच्छा भोजन, अच्छी शिक्षा और प्यार भरा घर मिलता है, वही आगे चलकर एक मज़बूत नागरिक बनता है।
साथियों, बाल दिवस केवल खेल, मिठाई और मौज मस्ती का दिन नहीं है। हमारे देश में आज भी बहुत से बच्चे स्कूल जाने के बजाय ढाबों, दुकानों और खेतों में काम करते हैं। कई बच्चों को भरपेट खाना और दवा तक नहीं मिलती। जब तक ये बच्चे पीछे छूटे हैं, क्या हमारा उत्सव पूरा हो सकता है?
इसलिए आज हम दो काम करें। पहला, अपने माता पिता और शिक्षकों को उनके प्यार और मेहनत के लिए धन्यवाद दें। दूसरा, अपनी पुरानी किताबें, खिलौने और कपड़े उन बच्चों तक पहुँचाएँ जिन्हें इनकी ज़रूरत है।
चाचा नेहरू ऐसे भारत का सपना देखते थे जहाँ हर बच्चा मुस्कुराए। आइए, उस सपने को सच करने में हम भी हाथ बँटाएँ।
धन्यवाद।
Bal Diwas Par Bhashan: बाल दिवस पर लंबा भाषण (कक्षा 9 से 12)
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्माननीय शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को सुप्रभात। आज 14 नवंबर को हम उस दिन का उत्सव मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं जो हम सबका अपना है, यानी बाल दिवस।
भारत में यह दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म 1889 में इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने इंग्लैंड में पढ़ाई की, वकील बनकर भारत लौटे और फिर महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। आज़ादी की लड़ाई में उन्होंने कई वर्ष जेल में बिताए। 1947 में वे स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने और 1964 में अपने निधन तक इस पद पर रहे। उनके निधन के बाद देश ने उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।
बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते थे और यह नाम अपने आप में बहुत कुछ कहता है। बच्चों के लिए वे कोई दूर बैठे नेता नहीं थे, बल्कि घर के एक स्नेही बड़े जैसे थे। उन्होंने अपनी बेटी को लंबे पत्र लिखे, जिनमें दुनिया का इतिहास और प्रकृति की बातें बड़ी सरल भाषा में समझाई गई थीं। उनका मानना था कि जिज्ञासा से भरा मन ही बच्चे की सबसे बड़ी पूँजी है।
उनकी सोच केवल बातों तक सीमित नहीं थी। आज़ादी के बाद के शुरुआती वर्षों में देश में नए विश्वविद्यालय, प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयोगशालाएँ और शोध केंद्र बने। इनका उद्देश्य यही था कि एक गरीब और नए आज़ाद देश के बच्चे आगे चलकर इंजीनियर, डॉक्टर और वैज्ञानिक बन सकें।
लेकिन साथियों, कोई भी उत्सव तभी सार्थक है जब हम खुद से कुछ सच्चे सवाल पूछें। क्या आज भारत का हर बच्चा स्कूल जा पा रहा है? क्या हर बच्चे को पौष्टिक भोजन, साफ़ पानी और सुरक्षित छत मिल रही है? उत्तर है, अभी नहीं। बाल श्रम, बाल विवाह और कुपोषण आज भी कई जगहों पर गंभीर समस्याएँ हैं। हमारा संविधान बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है, पर अधिकार तभी सच बनते हैं जब समाज उनकी परवाह करे।
यहीं से हमारी भूमिका शुरू होती है। हम भाग्यशाली हैं कि हमें किताबें, शिक्षक और दोस्त मिले हैं। यह सौभाग्य हमें घमंडी नहीं, ज़िम्मेदार बनाए। हम अपने मोहल्ले के छोटे बच्चों को पढ़ा सकते हैं, कमज़ोर सहपाठी की मदद कर सकते हैं, किसी का मज़ाक उड़ाने से बच सकते हैं और किसी बच्चे के साथ अन्याय होता देखें तो आवाज़ उठा सकते हैं।
साथ ही अपने बचपन को भी जीना न भूलें। बचपन छोटा होता है। इसमें केवल अंक और दबाव नहीं, खेल, किताबें, सवाल और हँसी भी होनी चाहिए।
अंत में बस इतना कहना चाहूँगा कि नेहरू जी ने हमारे लिए एक राष्ट्र बनाने में अपना जीवन लगा दिया। उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम ऐसे नागरिक बनें जिन पर यह देश गर्व कर सके।
धन्यवाद, और आप सभी को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
Children's Day Speech in Hindi for Teachers: शिक्षक द्वारा बाल दिवस पर भाषण
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, मेरे सहकर्मी शिक्षकगण और मेरे प्यारे बच्चों, आज का मंच आपका है और हम सब शिक्षक यहाँ आपका उत्सव मनाने आए हैं।
बाल दिवस हर साल 14 नवंबर को हमारे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाता है। वे बच्चों से बहुत स्नेह करते थे और मानते थे कि देश का भविष्य बच्चों के हाथों में है। आज सुबह आपके चमकते चेहरे देखकर मुझे लगता है कि वे बिल्कुल सही थे।
हम रोज़ आपसे कहते हैं, सीधे बैठो, गृहकार्य पूरा करो, गलियारे में शोर मत करो, पहाड़े याद करो। पर आज मैं वह बात कहना चाहती हूँ जो हम कम ही कहते हैं। हमें आप पर गर्व है। उस शर्मीले बच्चे पर गर्व है जिसने पहली बार हाथ उठाया, उस बच्चे पर जिसने दोस्त के जूते का फीता बाँधा, और उस बच्चे पर भी जो परीक्षा में पीछे रहा पर फिर से कोशिश करने लगा।
सच कहूँ तो आप भी हमें बहुत कुछ सिखाते हैं। आपके सवाल हमें जिज्ञासु बनाए रखते हैं। थकी हुई दोपहर में आपकी हँसी पूरे स्टाफ रूम को मुस्कुरा देती है। जब आप पूछते हैं कि आसमान नीला क्यों है या चाँद का आकार क्यों बदलता है, तो हमें याद आता है कि हमने पढ़ाने का काम क्यों चुना।
आज मैं आपको तीन छोटी सीख देना चाहती हूँ। पहली, सवाल पूछना कभी मत छोड़ना, चाहे कोई हँसे। दूसरी, दयालु बनना, क्योंकि अंक भूल जाते हैं पर अच्छा व्यवहार याद रहता है। तीसरी, रोज़ खेलना। दौड़ो, चित्र बनाओ, गाओ। स्वस्थ और खुश बच्चा ही अच्छे से पढ़ पाता है।
आज आपके शिक्षकों ने आपके लिए एक कार्यक्रम तैयार किया है। कुछ शिक्षक गीत गाएँगे, कुछ छोटा नाटक करेंगे और कुछ हिम्मती शिक्षक नाचेंगे भी। हमारे लिए ताली ज़रूर बजाना और मंच पर हमारी गलतियों को माफ़ कर देना।
प्यारे बच्चों, आप केवल भारत का भविष्य नहीं, उसका वर्तमान भी हैं। ईमानदार, संवेदनशील और साहसी बनना। जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी सफलता मिले, अपने माता पिता, अपने स्कूल और अपने देश को कभी मत भूलना।
धन्यवाद। सभी शिक्षकों की ओर से आप सबको बाल दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ।
10 Lines on Bal Diwas in Hindi: बाल दिवस पर 10 पंक्तियाँ
- बाल दिवस हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है।
- इस दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन होता है।
- वे भारत के पहले प्रधानमंत्री थे।
- बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहते थे।
- उन्हें अपने कोट पर लाल गुलाब लगाना पसंद था।
- इस दिन स्कूल को रंग बिरंगी झंडियों से सजाया जाता है।
- हमारे शिक्षक हमारे लिए गाना गाते हैं और खेल करवाते हैं।
- हमें मिठाई, टॉफ़ी और छोटे उपहार मिलते हैं।
- यह दिन बताता है कि हर बच्चा अनमोल है।
- मुझे बाल दिवस बहुत अच्छा लगता है क्योंकि यह हमारा दिन है।

Bal Diwas Par Nibandh: बाल दिवस पर निबंध 300 शब्द
बचपन जीवन का सबसे सुंदर समय होता है। इसी बचपन का सम्मान करने के लिए भारत में हर वर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों में गीत, खेल और हँसी का माहौल रहता है और बच्चों को लगता है कि यह दिन सचमुच उनका है।
यह तारीख पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती है। उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। वे स्वतंत्रता सेनानी थे और आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। बच्चे उन्हें बहुत चाहते थे और चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे। उनके कोट पर लगा लाल गुलाब उनकी पहचान बन गया था। 1964 में उनके निधन के बाद उनका जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
बाल दिवस पर विद्यालयों में विशेष सभा होती है, जिसमें अक्सर शिक्षक मंच पर आकर बच्चों के लिए गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुत करते हैं। चित्रकला, कहानी, प्रश्नोत्तरी और वेशभूषा प्रतियोगिताएँ होती हैं। कई स्कूलों में मेला लगता है या बच्चों को पिकनिक पर ले जाया जाता है। बहुत से विद्यार्थी अनाथालयों और गाँव के स्कूलों में जाकर किताबें, कॉपियाँ और खाने का सामान बाँटते हैं। घरों में भी माता पिता बच्चों की पसंद का खाना बनाते हैं या उन्हें घुमाने ले जाते हैं।
यह दिन हमें यह भी याद दिलाता है कि हर बच्चे को प्यार, पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा का अधिकार है। आज भी कई बच्चे पढ़ाई छोड़कर काम करने को मजबूर हैं। हमें ऐसे बच्चों की मदद करनी चाहिए और बाल श्रम का विरोध करना चाहिए। हम अपनी पुरानी किताबें और खिलौने ज़रूरतमंद बच्चों को दे सकते हैं और अपने आस पास के छोटे बच्चों को पढ़ना सिखा सकते हैं।
बाल दिवस हमें सिखाता है कि देश का भविष्य उसके बच्चों में छिपा है। यदि हर बच्चा सुरक्षित और शिक्षित होगा, तभी भारत सच में आगे बढ़ेगा।
Bal Diwas Par Bhashan Kaise Den: बाल दिवस का भाषण देने के टिप्स
- भाषण की शुरुआत प्रधानाचार्य, शिक्षकों और साथियों के अभिवादन से करें, फिर एक पंक्ति में बताएँ कि आज कौन सा दिन है और क्यों मनाया जाता है।
- केवल पक्की बातें बोलें: 14 नवंबर, पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन, पहले प्रधानमंत्री, चाचा नेहरू और लाल गुलाब।
- भाषण में एक संदेश ज़रूर रखें, जैसे हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार या ज़रूरतमंद बच्चों की मदद।
- बीच में एक दो प्रश्न पूछें, जैसे "क्या हर बच्चा आज स्कूल जा रहा है?" और प्रश्न के बाद थोड़ा रुकें।
- धीरे और साफ़ बोलें, श्रोताओं की ओर देखें और चेहरे पर मुस्कान रखें।
- अभ्यास करते समय घड़ी से समय नापें। एक मिनट में आमतौर पर 130 से 150 शब्द बोले जाते हैं, इसलिए दो मिनट के लिए 250 से 300 शब्द काफ़ी हैं।
- अंत एक यादगार पंक्ति और धन्यवाद के साथ करें।
यही विषय अंग्रेज़ी में चाहिए? पढ़ें: Children's Day Speech in English for Students and Teachers
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बाल दिवस 14 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है?
14 नवंबर 1889 को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था। वे बच्चों से बहुत प्रेम करते थे, इसलिए 1964 में उनके निधन के बाद उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
नेहरू जी को चाचा नेहरू क्यों कहा जाता था?
बच्चे उन्हें स्नेह से चाचा नेहरू कहते थे, क्योंकि वे बच्चों के साथ समय बिताना, उनसे बातें करना और उनके सवालों के जवाब देना पसंद करते थे।
बाल दिवस पर 2 मिनट का भाषण कितना लंबा होना चाहिए?
2 मिनट के भाषण में लगभग 250 से 300 शब्द होने चाहिए। आराम से बोलने पर इतने शब्द लगभग दो मिनट में पूरे हो जाते हैं। सभा से पहले एक बार घड़ी देखकर अभ्यास अवश्य करें।
शिक्षक बाल दिवस के भाषण में क्या कह सकते हैं?
शिक्षक बता सकते हैं कि यह दिन क्यों मनाया जाता है, बच्चों की मेहनत और जिज्ञासा की सराहना कर सकते हैं और ईमानदारी, दया और खेल के बारे में दो तीन छोटी सीख दे सकते हैं। भाषण आत्मीय और छोटा रखें।
क्या विश्व बाल दिवस भी 14 नवंबर को होता है?
नहीं। संयुक्त राष्ट्र 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस मनाता है, जबकि भारत अपना बाल दिवस 14 नवंबर को पंडित नेहरू की याद में मनाता है।
हर निबंध और भाषण हमारी टीम ने लिखा और जाँचा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ। हम कैसे लिखते हैं।